-->

भगवान ने किस लिए बनाया था स्त्री को, जाने

Advertisemen


स्त्री की रचना करने से पहले भगवान अपने देवदूत से पूछ रहे थे, कि स्त्री में ऐसे कौन से गुण होने चहिए जो पुरुष से भिन्न हो | इसलिए दोनों ने मिलकर एक सारणी बनाई थी | स्त्री में ऐसे गुण भरे गए थे, कि यह बड़े से बड़े दुख में भी मुस्कुराकर परिवार संभाल सकती थी | स्त्री में आत्मविश्वास के गुण भरे गए थे | स्त्री में ममता का गुण भरा गया था ताकि वह अपने बच्चों की देखभाल अच्छे से कर सक, और अपने भाई के प्रति प्रेम बना रहे | स्त्री में पतिव्रता का गुण भरा गया था | ताकि वह अपने पति को हमेशा खुश रख सके |  अब घर बैठे कमाए 15000रु महीना,यहाँ क्लिक करें



जब स्त्री का शरीर बनकर तैयार हुआ तो देवदूत ने उसे छू कर देखा और भगवान से कहा कि भगवान यह तो बिल्कुल कोमल है | इस पर भगवान ने मुस्कुरा कर कहा कि हे देवदूत इतनी कोमल है लेकिन इसके अंदर सख्त शक्तियां उपार्जित की गई है, इसके अंदर इतनी शक्तियां उपार्जित की गई हैं कि जब यह अपने असली रूप में आ जाये तो धरा को भी हिला सकती है | भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी भागवत गीता में कहते हैं कि जो स्त्री का तिरस्कार करता है उसे सैकड़ों वर्षो तक नर्क की आग में जलना होता है |

किसी लाचार और बेबस स्त्री का भूल कर भी तिरस्कार ना करें | दूसरे की बेसहारा बहन बेटियों को छेड़ने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें | इस पोस्ट को अपने दोस्तों में शेयर जरूर करना | ताकि सभी दोस्तों को इस्त्री की ताकत का पता चले |  अब घर बैठे कमाए 15000रु महीना,यहाँ क्लिक करें

Advertisemen

Disclaimer: Gambar, artikel ataupun video yang ada di web ini terkadang berasal dari berbagai sumber media lain. Hak Cipta sepenuhnya dipegang oleh sumber tersebut. Jika ada masalah terkait hal ini, Anda dapat menghubungi kami disini.
Related Posts
Disqus Comments