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भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur) का विवादों ने संसद में भी पीछा नहीं छोड़ा. पहली बार संसद पहुंची प्रज्ञा ठाकुर जब लोकसभा की सदस्यता की शपथ ले रही थीं तो वहां भी विवाद हो गया. शपथ लेने के दौरान उन्होंने जब अपना नाम पढ़ा तो उसे लेकर कई विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति व्यक्त की. विपक्षी सदस्यों की तीखी आपत्ति के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) का जो नाम निर्वाचन प्रमाणपत्र में लिखा होगा. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपना नाम साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पूर्ण चेतनानंद गुरु अवधेशानंद के तौर पर लिया. विपक्ष ने इस पर हंगामा भी किया, जिसके चलते उन्हें दो बार शपथ लेनी पड़ी. पाए 400रु का Paytm कैश फ्री, क्लिक करें.
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