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भारतीय समाज में लड़कियों से कहा जाता है कि हमेशा उन्हें पति का आदर करना चाहिए और पति ही उनका परमेश्वर होता है। आखिर पति को क्यों दिया जाता है परमेश्वर का दर्जा – पति परमेश्वर । हर किसी के मन में सवाल जरूर उठता होगा। पाए 400रु का Paytm कैश फ्री, क्लिक करें.
शादी के दौरान पति और पत्नी जब सात फेरे लेते हैं। तो वो उस समय सात वचन भी लेते हैं। वचनों की प्रक्रिया को शास्त्र सम्मत माना जाता है। भारत में ये प्रथा सदियों से चली आ रही है और पीढ़ी दर पीढ़ी इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। बचपन से ही लड़कियों को ये कहा जाता है कि शादी के बाद पिता का नहीं बल्कि पति का ही घर उनका अपना घर होता है। पति जो भी कहेगा, या करेगा पत्नी को करना होगा।
पति की हां में हां मिलाना होगा और अगर वो पति के खिलाफ जाती है तो उसे समाज में गंदी नजर से देखा जाता है। कहा जाता है कि लड़की के घरवालों ने उसे कुछ सिखाया नहीं तभी इसके ऐसे लक्ष्ण हैं. पाए 400रु का Paytm कैश फ्री, क्लिक करें.
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