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केंद्र सरकार लोगो के 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के झूठे वादे और सपने दिखा रही है। केंद्र की मोदी सरकार भले ही देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर दिखाने में जुटी हुई हो, लेकिन अर्थव्यवस्था की हालत किसी से छिपी नहीं है। भारत की अर्थव्यवस्था की हालत बेहद खस्ता है इस पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी मुहर लगा दी है। गुरुवार को IMF यानि International Monetary Fund ने भी कह दिया कि भारत की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है।
IMF के अनुसार, कॉरपोरेट और पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता और कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत ऐसी है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की मौजूदा स्थिति के चर्चे होने लगे है। IMF प्रवक्ता गेरी राइस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम नए आंकड़े पेश करेंगे, लेकिन खासकर कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता और कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों की वजह से भारत में हालिया आर्थिक वृद्धि उम्मीद से बेहद कमजोर है।”
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