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मोटर वेहिकल एक्ट का कड़ाई से पालन कराने के बाद अब यूपी सरकार एक दूसरे कानून का कड़ाई से पालन कराने जा रही है। अब पानी का संरक्षण करने के लिए कानून बनाया गया है। अक्तूबर माह में कैबिनेट से पास होने के बाद इस कानून का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जलसंरक्षण को बढ़ावा देते हुए इसको प्रदूषित करने पर बड़े जुर्माना का प्राविधान किया गया है।
प्रदेश सरकार विभिन्न आयामों के माध्यम से जल संचयन करेगी। बारिश एवं भूमिगत जल के संरक्षण के लिए कानून बना कर अनिवार्य रूप से लागू कराया जाएगा। कहा कि ड्राफ्ट तैयार है, शीघ्र ही कैबिनेट में लाया जाएगा। अक्तूबर तक कानून बनाने के बाद इसके अनुपालन के लिए केवल 6 माह का वक्त देंगे। बताया कि इस कानून के अंतर्गत जल को प्रदूषित करने पर 10 से 20 लाख रुपये जुर्माना और 5 से 7 साल की कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा।
जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि शहर हो या गांव, हर व्यक्ति को सबमर्शिबल लगाने के लिए अनुमति लेने होगी, बिना अनुमति के कोई सबमर्शिबल नहीं लगेगा। जितने लोगों ने सबमर्शिबल लगा रखा है, उन सब को पंजीकरण कराना होगा। हर सबमर्शिबल में हम मीटर भी लगाएंगे। ऐसा नहीं कि पानी खोल कर आप गाड़ी धोते रहेंगे और भैस को नहलाते रहेंगे।
न्यूज सोर्स : पत्रिका
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