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कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम को भारत के सम्मान से जोड़ रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसे देश की विदेश नीति के खिलाफ बता रहे हैं। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक इस बात पर ही चर्चा हो रही है कि आखिर ‘हाउडी मोदी’ से किसे लाभ होगा भारत, नरेंद्र मोदी या फिर डॉनल्ड ट्रंप को ?
फ़िलहाल इस बहस के बीच एक और खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है कि, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी अपने इस कार्यक्रम में ट्रम्प का समर्थन करके हिन्दू विरोधी हो गए हैं। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा क्योंकि पीएम मोदी जब भाषण दे रहे थे तो उन्होंने इस बीच एक नारा लगाया- ‘अबकी बार, ट्रम्प सरकार’। पीएम मोदी के इस नारे की वजह से ही विपक्ष और कुछ ट्रोलर्स भड़के हुए हैं।
लोगों का कहना है कि पीएम मोदी ने ट्रम्प के समर्थन में प्रचार किया है, जबकि तुलसी गबार्ड ने साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का दावा किया है। 37 साल की गबार्ड डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की दूसरी महिला दावेदार हैं। भारतीय मूल के अमेरिकियों के बीच बेहद लोकप्रिय तुलसी हिंदू भी हैं। ऐसे में पीएम मोदी का ट्रम्प को समर्थन करना गलत है।
पीएम मोदी और तुलसी के बीच भारत और अमेरिका में हमेसा मुलाकात होती रही है। साथ ही तुलसी को लेकर यह भी प्रचारित किया जाता है कि वह संघ से जुडी हुई हैं, इस सम्बन्ध में उन्होंने कभी कोई जवाब नहीं दिया बल्कि वो इस सवाल के जवाब को टाल जाती हैं।
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