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उत्तर प्रदेश में हुए महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध! - राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो

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भारत में वार्षिक अपराध 2017 की रिपोर्ट करीब दो साल की देरी के बाद सोमवार (21 अक्टूबर, 2019) को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी कर दी गई। ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान देशभर में महिलाओं के खिलाफ 3,59,849 आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

महिलाओं के खिलाफ अपराध की सूची में उत्तर प्रदेश चोटी पर रहा, जहां 56,011 केस दर्ज किए गए। 31,979 मामलों के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर रहा जबकि तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल रहा, जहां 30,002 केस दर्ज किए गए।


NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक 58,880 केस दंगों से जुड़े दर्ज किए गए। इस तरह के मामले में सबसे आगे बिहार रहा, जहां 11,698 मामले में दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश रहा जहां, 8,990 केस दर्ज किए गए और 7,743 शिकायतों के साथ तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र रहा। इसमें जातिगत संघर्ष से जुड़े 805 मामले दर्ज किए गए जबकि 1,909 मामले में राजनीतिक वजहों के चलते हुए दंगों के मामले दर्ज किए गए।

रिपोर्ट बताती है कि एसपी एक्ट के तहत दर्ज हुए मामलों में साल 2016 की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। इसके मुताबिक साल 2016 में जहां 5,082 मामले में एससी एक्ट के तहत दर्ज हुए वहीं 2017 में यह संख्या बढ़कर 5,775 पहुंच गई। हालांकि इस दौरान अनुसूचित जनजाति से जुड़े अपराधों में कमी देखी गई। 2016 में इस समुदाय के खिलाफ 844 आपराधिक मामले दर्ज हुए जो 2017 में घटकर 720 हो गए।


रिपोर्ट से पता चलता है कि 2017 में अपहरण के कुल 95,893 केस दर्ज किए गए जो 2016 (88,008) से 9 फीसदी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में कुल 63,349 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराईं गईं। इसमें 20,555 लड़के, 42,691 लड़कियां और 103 ट्रांसजेंडर शामिल थे। रिपोर्ट कहती है कि शिकायत दर्ज होने के बाद 70,440 बच्चों को खोज लिया गया था। इसमें लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा थी।
( सोर्स : जनसत्ता )
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