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दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म और एक पत्रकार की हत्या के मामले में जेल में बंद राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim Singh) के डेरे पर अब भी नेता माथा टेक रहे हैं. अंतर बस इतना है कि इमेज खराब होने की डर से इस बार पार्टियों के शीर्ष स्तर के नेता तो डेरे में सार्वजनिक हाजिरी लगाने से बच रहे हैं, मगर हरियाणा में डेरे के प्रभाव वाली सिरसा व आसपास की सीटों से विभिन्न दलों के टिकट पर चुनाव लड़ रहे नेता माथा टेकने से नहीं चूक रहे.
गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय सिरसा में है. सिरसा लोकसभा और विधानसभा सीट दोनों है. यहां से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रदीप रतूसरिया से लेकर हरियाणा जनहित पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे गोपाल कांडा तक डेरे पर माथा टेक कर समर्थन मांग चुके हैं.
गोपाल कांडा, इससे पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या केस की वजह से सुर्खियों में रह चुके हैं. 2009 के विधानसभा चुनाव में गोपाल कांडा यहां से चुनाव जीत चुके हैं. 2014 में उन्हें महज 2900 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. इस बार 2019 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए वह डेरा सच्चा सौदा का आशीर्वाद लेकर 2014 की कसर पूरी करने की कोशिश में हैं.
डेरा सच्चा सौदा की एक राजनीतिक इकाई है, जो चुनावों के ऐन मौकों पर पार्टियों या उम्मीदवार विशेष के पक्ष में वोट डालने की समर्थकों से अपील करती है. डेरा सच्चा सौदे के पदाधिकारियों का दावा है कि हरियाणा और पंजाब में करीब 50 लाख समर्थक डेरा प्रमुख राम रहीम की एक अपील पर वोट डालते हैं.
साभार : एनडीटीवी
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