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भारत सरकार के पूर्व वित्त सचिव ने कहा है कि 2000 रुपये के नोट को बंद कर दिया जाना चाहिए। बीते 31 अक्टूबर 2019 को वीआरएस लेने वाले पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने 2000 के नोटों को बंद करने का मोदी सरकार को सुझाव दिया है। सुभाष गर्ग के अनुसार 2000 के नोटों का चलन ज्यादा नहीं है, और इसकी जमाखोरी भी हो रही है। गर्ग के अुनसार सिस्टम में अब काफी ज्यादा नकदी मौजूद है, ऐसे में 2000 रुपये के नोट बंद करने से किसी को परेशानी नहीं होगी।
मीडिया में आई जानकारियों के अनुसार आरबीआई 2000 रुपये के नोटों की छपाई में कमी ला रही है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक एक भी 2000 रुपये का नोट नहीं छापा गया है। एक आरटीआई के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया है कि 2000 रुपये के नोटों का ज्यादातर इस्तेमाल गलत कामों में किया जा रहा है।
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