Advertisemen
![]() |
| (फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस) |
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का राष्ट्रीयकरण खत्म करने और निजीकरण को बढ़ावा देने, आरबीआई के बजाय निजी स्तर पर ऋण प्रबंधन तथा ऑफ-बजट उधार की परिपाटी को खत्म करने समेत 2000 रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर करने वाले कुछ सुझाव दिए हैं।
2000 रुपये के करेंसी नोटों पर गर्ग ने कहा, “ 2000 रुपये का एक अच्छा हिस्सा प्रचलन में नहीं है। इन्हें रोका गया है। ट्रांजैक्शन के रूप में फिलहाल 2000 रुपये के नोटों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। बिना किसी बाधा को उत्पन्न किए, इसे तुरंत प्रचलन से बाहर किया जा सकता है।
Advertisemen
