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नकदी की संकट से जूझ रही सरकार के पास देश की सबसे बड़ी पैरा-मिलिट्री फोर्स सीआरपीएफ को “राशन भत्ता” देने के लिए पैसे नहीं हैं। ‘द टेलिग्राफ’ में ‘इमरान अहमद सिद्दकी’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मोदी सरकार के पास देश के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र समेत अलग-अलग हिस्सों में तैनात 3 लाख ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ (CRPF) को भत्ता देने के लिए पैसे की कमी है।
सीआरपीएफ को सैलरी में हर महीने 3,000 रुपये ‘राशन भत्ता’ दिया जाता है, लेकिन आतंरिक संचार माध्यमों के तहत यह सूचित कर दिया गया है कि इस बार सैलरी के साथ ‘राशन भत्ता’ नहीं मिलेगा।सितंबर की सैलरी के साथ राशन भत्ता नहीं दिए जाने के पीछे गृहमंत्रालय के द्वारा पैसे जारी नहीं करने को बड़ा कारण बताया गया है। क्योंकि, गृह मंत्रालय को जुलाई, अगस्त और इस महीने में 800 करोड़ रुपये की किश्त जारी करनी बाकी है। ‘द टेलिग्राफ’ ने इस खबर के संबंध में हासिल संचार की एक प्रति होने का दावा किया है, जो 13 सितंबर की है।
दिल्ली मुख्यालय में सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “
यह पहली बार है जब राशन भत्ता बंद कर दिया गया है। हमने पिछले सप्ताह मंत्रालय (Home Ministry) के अधिकारियों से लंबित पड़े धन के बारे में बात की थी और तब उन्होंने लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था का हवाला दिया था।”
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