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मध्य प्रदेश में बिजली के कोयले की टेंडरिंग में बड़ा खेल scam उजागर हुआ है। इसमें भाजपा राज में 2004 से 2014 तक दस सालों 10 years में एक ही कंपनी company को अरबों के ठेके billions rupees दे दिए गए। हर बार टेंडर भरने वाली कंपनियों tender ने आपसी और अफसरों से सांठ-गांठ करके दाम कम-ज्यादा किए। इससे दस साल में 19 बार ठेका एक ही कंपनी को मिला। यह खुलासा भाजपा नेता और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने भारतीय प्रतिस्पर्धा जांच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर किया है। विश्नोई ने कहा है पिछले दस सालों में अरबों का कोयला टेंडर घोटाला हुआ है।
2004 से 2014 तक प्रदेश में भाजपा का राज रहा है। इस दौरान अजय विश्नोई भी मंत्री और विधायक रहे, लेकिन अजय ने तब इस घोटाले को लेकर निशाना नहीं साधा, जबकि अब भाजपा नेता के तौर पर ही विश्नोई ने यह खुलासा किया है। भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने के सवाल पर विश्नोई ने कहा कि भाजपा सरकार में कोई मंत्री और नेता गड़बड़ी नहीं पकड़ सकता था। सारा घोटाला अफसरों ने किया है। प्रतिस्पर्धा जांच आयोग ने जांच की तो कंपनियों के ई-मेल से भी इस घोटाले के सबूत मिले हैं। नायर व बाकी कंपनी के ई-मेल एक समान हैं।
ये कंपनियां शामिल
मेसर्स नायर कोल सर्विसेस लिमिटेड
मेसर्स करम चंद थापर एंड ब्रदर्स
मेसर्स नरेश कुमार एंड कंपनी प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स अग्रवाल एंड एसोसिएट्स
नोट- कंपनियों ने आपसी सहमति से टेंडर दाम तय किए। इसके ई-मेल भी आयोग को मिले हैं।
साभार : पत्रिका
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