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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की पांच बड़ी कम्पनियों को बेचने का फैसला किया है। इस बाबत विनिवेश विभाग की ओर से 12 विज्ञापन निकाले गये हैं। जिसके माध्यम से एसेट वैल्यूवर, लीगर एडवाइजर की नियुक्ति और हिस्सा बेचने के लिए बोलियां मंगाई गई है। ये कम्पनियां कौन सी है? फ़िलहाल सरकार ने इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है।
सरकार की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार रेल मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय के तहत एक-एक कंपनी में विनिवेश होगा। मिनिस्ट्री ऑफ़ इनर्जी के तहत 2 कंपनियों में विनिवेश की बात भी सामने आ रही है। मिनिस्ट्री ऑफ़ इनर्जी के तहत 2 कंपनियों में विनिवेश की बात भी सामने आ रही है।
न्यूजट्रैक के मुताबिक़ इन कंपनियो में हिस्सा बिक्री को लेकर सरकार एक ट्रांजेक्शन एडवाइजर, लीगल एडवाइजर और एसेट वैल्यूएवर की अपोइन्ट करना चाहती है। देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भारतीय पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव की चर्चा जोरों से चल रही है। अगला नाम शिपिंग सेक्टर की कंपनी एससीआई (शिपिंग कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया) का आता है।
इसके बाद नाम कंटेंनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी कोनकोर का आता है। इसी कड़ी में अगला नाम पावर सेक्टर की दो कम्पनियां, एनईईपीसीओ और टीएचडीसी का है। सरकार ने इन दोनों कम्पनियों को भी बेचने की योजना बनाई है।
( साभार : न्यूजट्रैक )
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