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केंद्र की मोदी सरकार के मंत्री भले ही मंदी की आहटों पर फिल्मी आकड़ा पेश कर अपनी पीठ थपथपा ले लेकिन अर्थित जगत के जानकारों की माने तो देश की अर्थव्यस्था समय के साथ धरातल में समाहित हो रही है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने जो संकेत दिए हैं वो वाकई देश के भविष्य के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है।
दरअसल, मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए राजन ने कहा कि बहुसंख्यकवाद और तानाशाही देश को अंधेरे और अनिश्चितता के रास्ते पर ले जाएगी। यही नहीं पूर्व गवर्नर ने केंद्र की मोदी सरकार पर संस्थानों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार इकॉनमी को लंबी समस्या की ओर धकेल रही है।
उन्होंने हाल ही में दिए एक लेक्चर में कहा कि सरकार की मौजूदा आर्थिक व्यवस्था स्थायी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पॉपुलिस्ट पॉलिसी अपनाते हुए लैटिन अमेरिकी देशों की राह पर भारत को आगे बढ़ा रही है। यही नहीं भारतीय इकॉनमी में मौजूदा स्लोडाउन के लिए भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह स्थिति गलत ढंग से की गई नोटबंदी और जीएसटी के चलते पैदा हुई है।
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