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सुप्रीम कोर्ट कोर्ट द्वारा राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल को राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र द्वारा गठित एक ट्रस्ट को ट्रांसफर करने वाले फैसले के दो दिन बाद इसके स्वरूप को लेकर बयानबाजियां शुरू हो चुकी हैं।राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने सोमवार को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि नया ट्रस्ट बनाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राम मंदिर निर्माण के लिए ‘न्यास’ को ही एक ट्रस्ट बनाया गया है और निर्मोही अखाड़ा जैसे अन्य लोग इस काम को पूरा करने के लिए इसमें शामिल हो सकते हैं।
निर्मोही अखाड़ा के महंत दीनेंद्र दास इस बात से सहमत नहीं हैं। वह कहते हैं, “हम उनके खिलाफ लड़ रहे हैं यानी राम जन्मभूमि न्यास के खिलाफ। ऐसे में कोई कैसे सोच सकता है कि हम उनके ट्रस्ट का सदस्य हो सकते हैं? वे अपने ट्रस्ट को सरेंडर करके हमारे साथ ट्रस्ट का हिस्सा बन सकते हैं। हम निर्मोही हैं और उनका कभी भी हिस्सा नहीं बन सकते। यह सरकार के ऊपर है कि वह समाधान खोजे और सभी को एक साथ लाए।”
( न्यूज़ सोर्स : जनसत्ता )
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