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मुंबई मिरर ने आरएसएस के सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा, मोहन भागवत ने देवेंद्र फडणवीस को स्पष्ट रूप से कहा, अगर शिवसेना एनसीपी-कांग्रेस से समर्थन हासिल कर रही है तो उन्हें आगे बढ़कर सरकार बनाने देना चाहिए. मोहन भागवत ने कहा, विपक्ष में बैठकर लोगों की सेवा करने के लिए तैयार रहें, लेकिन विधायकों की खरीद-फरोख्त जैसी अपवित्र राजनीति में किसी भी प्रकार से शामिल न हों. रिपोर्ट के मुताबिक, मोहन भागवत ने नसीहत देते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति लंबे समय तक पार्टी के हित में नहीं है.
दरअसल, शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने सोमवार को मोहन भागवत को पत्र लिखा था और उनसे बीजेपी और शिवसेना के बीच सत्ता के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान में हस्तक्षेप करने को कहा था. वहीं बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी का मानना है कि शिवसेना के बिना दावा करने का कोई सवाल ही नहीं है. 2014 में स्थिति अलग थी, हमने अलग से चुनाव लड़ा था. इस बार हमने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के नाम पर वोट मांगे हैं. इसलिए स्थिति अलग है. वरिष्ठ नेता का ये भी कहना है कि आरएसएस की सलाह और हमारी रणनीति में किसी प्रकार का कोई द्वंद्व नहीं है.
( सोर्स :रिपब्लिक)
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