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उत्तर प्रदेश की ज्यादातर आबादी खेती और अपने मवेशियों पर निर्भर है,जिसके मदद से उनकी रोजी-रोटी चलती है.कई लोग तो ज्यादा खेती नहीं होने के कारण अपने घर में गाय या भैंसों को पालकर ही अपना जीवन निर्वाह कर लेते है.लेकिन अब सरकार ने एक नया फरमान जारी कर कहा है की जिन लोगों के पास दो या दो से अधिक गाय-भैंस है उन्हें बिजली का बिल ज्यादा चुकाना पड़ेगा.जी हां अब यूपी की विद्युत् विभाग ने शहर में दुधारू पशु पालने वालों के यहां बिजली का कनेक्शन कमर्शियल करने का निर्णय लिया है.
सरकार के मुताबिक दो या दो से अधिक दुधारू मवेशी शहर में पालना एक व्यवसाय की तरह है.क्योंकि ज्यादा मवेशियों को पालकर लोग जीवन निर्वाह नहीं बल्कि दूध उत्पादन कर उसका व्यवसाय करते है.इस लिए ऐसे लोगों के घर बिजली की खपत बाकी लोगों के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है.इसके साथ ही दूध की डेरी व्यवसाय करने वाले लोगों के यहां भी अब नौर्मल बिजली का मीटर लगाने के बजाय कमर्शियल मीटर लगाया जाएगा.इतना ही नहीं कमर्शियल बिजली मीटर के तहत उनका प्रति यूनिट चार्ज भी बढ़ेगा.
सरकार ने अभी तक इस नियम को लागू नहीं किया है अभी इस पर विचार विमर्श चल रहा है.लेकिन जल्दी ही लोगों से इसके बारे में राय लेकर इसे यूपी के किसी एक जिला से लागू किया जाएगा और ऐसे लोगों का बिजली का मीटर बदल कर नया कमर्शियल मीटर लगाया जाएगा.
Source : पंजाब केसरी
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