-->

मोदी सरकार में एक और बैंक की हालत खस्ता, कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं

Advertisemen

मोदी सरकार में पिछले साल जोर शोर से  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक शुरू की गयी थी |  हालात यह है कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं है। खबरों की मानें तो बैंक के पास कोई बड़ा बिजनेस नहीं है, जिससे बैंक अपनी आर्थिक तंगी दूर कर सके। पेमेंट बैंक को शुरू करने के लिए केवल तकनीक पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन और अन्य भत्तों पर 250 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था।


डाक विभाग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को चलाने में सक्षम नहीं है और बैंक में नई भर्तियों पर रोक लगी हुई है। नई भर्तियों पर रोक इसलिए कि बैंक के पैसों की कमी है। बता दें कि डाक विभाग 1 लाख रुपये ज्यादा नहीं जमा कर सकता और न ही किसी को लोन दे सकता। लिहाजा विभाग की ओर से आईपीपीबी ने गुहार लगाई है कि उसे एक स्मॉल फाइनेंस कंपनी के रूप में बदलकर उसका रिकैपिटलाइजेशन किया जाए। ताकि वो एक लाख रुपए से अधिक के डिपोजिट स्वीकार करने के बाद लोन भी दे सके। बैंक ने उम्मीद जताई है कि आरबीआई अगले साल तक उनकी मांग स्मॉल फाइनेंस बैंक को मंजूरी दे देगी।
Advertisemen

Disclaimer: Gambar, artikel ataupun video yang ada di web ini terkadang berasal dari berbagai sumber media lain. Hak Cipta sepenuhnya dipegang oleh sumber tersebut. Jika ada masalah terkait hal ini, Anda dapat menghubungi kami disini.
Related Posts
Disqus Comments