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अगर NRC पूरे देश में यह लागू होता है तब आपको अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कुछ जरूरी कागजात दिखाने होंगे।असम की बात करें तो NRC में उन लोगों के नाम शामिल हैं, जो 25 मार्च 1971 के पहले से वहां के नागरिक हैं या उनके पूर्वज राज्य में रहते आए हैं। यदि असम का फॉर्मूला ही देश भर में लागू होता है तो आपको जो जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे वो कुछ इस तरह हैं -
दरअसल दस्तावेजों की दो सूची बनाई गई है। इसमें पहली सूची में स्थायी निवास प्रमाण पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और शरणार्थी पंजीकरण प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों को शामिल किया गया है। जबकि दूसरी सूची में जन्म प्रमाणपत्र, भूमि दस्तावेज और बोर्ड या विश्वविद्यालय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों को शामिल किया गया है।
लिस्ट 'A’ में मांगे गए जरूरी दस्तावेज -
1951 का एनआरसी
24 मार्च, 1971 तक का मतदाता सूची में नाम
जमीन का मालिकाना हक या किरायेदार होने का रिकॉर्ड
नागरिकता प्रमाणपत्र
स्थायी निवासी प्रमाण पत्र
शरणार्थी पंजीकरण प्रमाण पत्र
किसी भी सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी लाइसेंस/सर्टिफिकेट
सरकार या सरकारी उपक्रम के तहत सेवा या नियुक्ति को प्रमाणिक करने वाला दस्तावेज
बैंक या पोस्ट ऑफिस अकाउंट
जन्म प्रमाणपत्र
राज्य के एजुकेशन बोर्ड या यूनिवर्सिटी के प्रमाण पत्र
अदालत के आदेश रिकॉर्ड
पासपोर्ट
कोई भी एलआईसी पॉलिसी
एक अहम बात यह भी है कि ऊपर दिए गए दस्तावेजों में से कोई भी 24 मार्च 1971 के बाद का नहीं होना चाहिए। अगर असम के किसी नागरिक के पास इस डेट से पहले का दस्तावेज नहीं है तो 24 मार्च 1971 से पहले का अपने पिता या दादा का दस्तावेज दिखा सकता है। लेकिन ऐसे लोगों को नीचे दिए गए दस्तावेज में से कोई भी एक दिखाकर अपने पिता या दादा से अपना संबंध साबित करना होगा। लिस्ट बी में दिए गए दस्तावेजों में उनका नाम होना आवश्यक है।
लिस्ट 'B’ में मांगे गए जरूरी दस्तावेज -
जन्म प्रमाणपत्र
भूमि दस्तावेज
बोर्ड या विश्वविद्यालय प्रमाण पत्र
बैंक / एलआईसी / पोस्ट ऑफिस रिकॉर्ड
राशन कार्ड
मतदाता सूची में नाम
कानूनी रूप से स्वीकार्य अन्य दस्तावेज
विवाहित महिलाओं के केस में सर्कल अधिकारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
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