Advertisemen
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले पांच सालों में मैक्रो-इकॉनॉमिक प्रणाली को गड़बड़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मांग पैदा करने के लिए सरकार को आयकर खत्म करना चाहिए था, क्योंकि कॉरपोरेट कर घटाने से अर्थव्यवस्था को कोई लाभ नहीं होगा।
पूर्व केंद्रीय कानून और वाणिज्य मंत्री स्वामी ने अपनी ताजा किताब ‘रीसेट – रिगेनिंग इंडियन्स इकॉनॉमिक लीगेसी’ लांच की और भारत की अर्थव्यवस्था पर बात की। उन्होंने इसे वापस गति देने के तरीके भी सुझाए। स्वामी के इस किताब का विमोचन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया।
स्वामी ने इस मौके पर आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, “सरकार पांच सालों में ऐसी चीजें करती रही है, जो मैक्रो-इकॉनॉमी के लिए बुरी हैं। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराकर उज्जवला के जरिए मैक्रो-इकॉनॉमी में अच्छा काम किया है.. लेकिन मैक्रो-इकॉनॉमिक्स पूरी प्रणाली है.. और पूरी प्रणाली को गड़बड़ कर दिया गया है, जिसे दुरुस्त करने की जरूरत है और इसे कॉरपोरेट सेक्टर के लिए कर घटाने जैसे किसी एक उपाय से नहीं दुरुस्त किया जा सकता है।”
Advertisemen
